राशि के चिन्ह और पद

नमस्कार प्रिय पाठकों 🙏
वैदिक ज्योतिष में १२ राशियों को उनके चिन्ह (आकृतियां) दी गई है। इन्हीं आकृति द्वारा राशियों के स्वभाव को भी जाना जाता है।
राशि के चिन्ह और पद :-

राशि आकृति पद
मेष भेड़ की आकृति है चतुष्पद
वृषभ बैल की आकृति हैचतुष्पद
मिथुन स्त्री पुरुष का जोड़ा स्त्री के हाथ में वीणा और पुरुष के हाथ में गदा है (पराशर के अनुसार)द्विपद
कर्क केकड़ा की आकृति हैबहुपद
सिंह शेर की आकृति हैतुष्पद
कन्या नाव पर बैठी कन्या और उसके एक हाथ में लालटेन है और दूसरे हाथ में अन्न है (धान या गेहूं) है (शास्त्रानुसार) द्विपद
तुला पुरुष के हाथ में तराजू (शास्त्रानुसार)द्विपद
वृश्चिक बिच्छू की आकृति हैबहुपद
धनु अगला हिस्सा मनुष्य और पिछला हिस्सा घोड़े का और हाथ में धनुष ताने हुए है द्विपद
चतुष्पद
मकर अगला हिस्सा हिरण का पिछला हिस्सा मगरमच्छ का हैचतुष्पद
कुंभपुरुष के सिर के ऊपर घड़ा है और घड़ा कहीं न कहीं फटा है और घड़े का सारा जल पुरुष के कपड़े को गिला करता हुआ निकल जाता है  अपद या विपद
मीन दो मछलियों का जोड़ा है और यह एक दूसरे के तरफ सीर किए हुए हैं  अपद या विपद

धनु राशि मे पद को लेकर मतभेद है कुश ज्योतिषियों का मानना है के यह द्विपद राशि है तो कुछ ज्योतिषियों के मानना है के यह चतुष्पद है।
और कुछ ज्योतिषि इस प्रकार से पद की गणना करते है :-
एक राशि का 30 डिग्री यह आधा मनुष्य और आधा घोड़ा है तो हम राशि के हिस्से के दो भाग करेंगे यानी 15 डिग्री यदि इस राशि में कोई भी ग्रह ग्रह 0 से 15 डिग्री तक चला है तो यह द्विपद हुआ और 15 से 30 डिग्री तक चला है तो चतुष्पद

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