ग्रहों की संज्ञा Grahon ki Sangya


पारिवारिक संदर्भ में ग्रहों की व्याख्या :-
सूर्य :- पिता
चंद्रमा :- माता
मंगल :- भाई
बुध :- बहन
बृहस्पति :- पुत्र/संतान, पति, पूर्वज
शुक्र :- पत्नी
शनि :- सेवक/नौकर-चाकर

आत्मा, मन, बल, बुद्धि, सुख, कामना और दुःख के कारक ग्रह :-
सूर्य :- आत्मा
चंद्रमा :- मन
मंगल :- बल
बुध :- बुद्धि
बृहस्पति :- सुख
शुक्र :- कामना
शनि :- दुःख

ग्रहों को शारीरिक अंगों की संज्ञा :-
सूर्य :- हड्डी
चंद्रमा :- रक्त (शीघ्र गामी)
मंगल :- मांसपेशी
बुध :- त्वचा
बृहस्पति :- वसा (चर्बी)
शुक्र :- वीर्य/शुक्राणु
शनि :- स्नायु/नर्वस सिस्टम (मंंद गामी)

ग्रहों की मूल त्रिकोण राशि :-
कोई भी ग्रह अपनी मूल त्रिकोण राशि में हो तो स्वराशि से अधिक शुभ फल देते हैं।
ग्रहराशिअंश
सूर्य सिंह ०१-२० अंश तक
चंद्रमा वृषभ ०४-१० अंश तक
मंगल मेष ०१-१८ अंश तक
बुध कन्या १६-२० अंश तक
बृहस्पति धनु ०१-१३ अंश तक
शुक्र तुला ०१-१० अंश तक
शनि मकर०१-२० अंश तक
राहु कर्क १५-२५ अंश तक
केतु मकर १५-२५ अंश तक

चंद्रमा को छोड़कर सभी ग्रह अपनी ही राशि में मूल त्रिकोण होते है।

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